Friday, November 26, 2010

वादा करो


वादा करो करो किसी से तो पूरा भी करना
करके किसी से वादा छोड़ना

अगर एसा हुआ तो भरोसा टूट जाएगा
इंसान ही इंसान से रूठ जाएगा जाएगा


ऐसा होता रहा अगर
जीवन में कुछ बचेगा

Monday, November 8, 2010

दिवाली की कविता











दिवाली आई दिवाली आई.
खुशियों के मन भर लाई,
हमने खुश होकर दिए जलाए मोमबतती जलाई
पटाखे जलाए, पैसे उड़ाए
धूम पटाक,धूम धूम पटाक,धूम धूम धूम शूऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊ पटाक ,पटाक पटाक पटाक
प्रदूषण फैलाया, धुंआ उड़ाया

खेल ख़त्म पैसा हज़म